वाराणसी। डोमरी, रामनगर स्थित आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, हरित ऊर्जा और सर्कुलर इकोनॉमी को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 7 और 8 अगस्त को आयोजित कार्यशाला में कक्षा 10वीं से स्नातक स्तर तक की छात्राओं ने भाग लिया।कार्यशाला का आयोजन वाराणसी रिसाइक्लर्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से किया गया। विशेषज्ञों ने छात्राओं को अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन, हरित हाइड्रोजन, रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा के बारे में जानकारी दी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में स्वच्छ ऊर्जा तथा प्रभावी कचरा प्रबंधन की भूमिका पर चर्चा की गई।

मुख्य वक्ता वीआरपीएल के संस्थापक एवं निदेशक पीयूष पाण्डेय ने विकसित भारत-2047 और समृद्ध उत्तर प्रदेश मिशन के संदर्भ में हरित ऊर्जा एवं अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। महाविद्यालय की सीएमओ अपूर्वा पाण्डेय ने उनका अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने छात्राओं से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए स्वच्छ और हरित भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यशाला का संचालन अंजली विश्वकर्मा और अनामिका तिवारी ने किया। समन्वयक डॉ. सूर्य प्रकाश वर्मा रहे, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अरुण कुमार दुबे ने किया।कार्यशाला के समापन के बाद मुख्य वक्ता और महाविद्यालय के शिक्षकों ने परिसर में पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
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