श्रावण मास के पावन अवसर पर काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य हिम श्रृंगार एवं भजन संध्या का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। बाबा के दिव्य दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी।अनुष्ठान की शुरुआत बाबा कालभैरव के पंचामृत एवं गंगाजल से अभिषेक के साथ हुई। इसके बाद सिंदूर का लेप कर बाबा को रजत मुखौटा धारण कराया गया तथा देशी-विदेशी पुष्पों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर बाबा की झांकी बाबा अमरनाथ एवं मार्कण्डेय महादेव की तर्ज पर सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

मंदिर परिसर को बर्फ की सिल्लियों से विभिन्न देवी-देवताओं के स्वरूपों के साथ विशेष रूप से सजाया गया। ग्यारह ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक संपन्न कराया तथा बाबा को पंचमेवा, चरणामृत और विविध व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। परंपरा के अनुसार बाबा के प्रिय मदिरा का भी भोग लगाया गया।मंदिर के पुजारी पवन कुमार उपाध्याय ने बाबा की भव्य आरती उतारते हुए काशीवासियों एवं देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। देर रात तक आयोजित भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तों को भावविभोर कर दिया। पूरा मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के वातावरण से सराबोर रहा।
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