कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर में एक महिला कांवड़िया ने जुड़वा बेटों को जन्म दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसएसपी संजय वर्मा अस्पताल पहुंचे और नवजातों का हाल जाना। उन्होंने महिला की सहमति से दोनों बच्चों के नाम कार्तिकेय और गणेश रखे।दिल्ली के भलस्वा निवासी 20 वर्षीय नेहा नीलकंठ से कांवड़ लेकर लौट रही थीं। वह करीब सात महीने की गर्भवती थीं और अन्य महिला कांवड़ियों के साथ यात्रा कर रही थीं। मुजफ्फरनगर की सीमा में पहुंचने के बाद अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। आसपास मौजूद कांवड़ियों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों ने महिला को तत्काल वाहन से जिला महिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्रसव कराया, जिसके बाद नेहा ने दो बेटों को जन्म दिया। दोनों बच्चे समय से पहले पैदा हुए हैं, इसलिए उन्हें निगरानी और विशेष उपचार के लिए अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में रखा गया है।
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अस्पताल प्रशासन के मुताबिक महिला और दोनों नवजातों की हालत फिलहाल ठीक है। घटना की जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने भी अस्पताल पहुंचकर जच्चा और बच्चों का स्वास्थ्य जाना तथा डॉक्टरों से उपचार की जानकारी ली।वहीं, एसएसपी संजय वर्मा ने अस्पताल पहुंचकर महिला को फल और नवजातों के लिए उपहार दिए। उन्होंने परिवार से बातचीत की और बच्चों के नाम कार्तिकेय और गणेश रखने का सुझाव दिया, जिसे परिवार ने स्वीकार कर लिया।
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बताया गया कि नेहा ने नीलकंठ से मुजफ्फरनगर तक करीब 130 किलोमीटर से अधिक की कांवड़ यात्रा की थी। यात्रा के दौरान प्रसव होने की इस घटना के बाद अस्पताल में महिला और उसके दोनों नवजात बेटों को लेकर खुशी का माहौल रहा।
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