बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी यूट्यूब वीडियो देखकर साइबर ठगी का तरीका सीखते थे और लोगों के मोबाइल की सिम निकालकर अपने iPhone में लगाकर उनके UPI खाते पर कब्जा कर लाखों रुपये उड़ा लेते थे। ठगी की रकम को नेपाल के चन्द्रौटा स्थित कैसीनो में ऑनलाइन भुगतान के जरिए नकदी में बदला जाता था। यह कार्रवाई यूपी पुलिस के विशेष अभियान 'साइ-वज्र' के तहत की गई। एसपी विकास कुमार के निर्देशन में कोतवाली उतरौला पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त अभियान चलाकर मुख्य आरोपी सनी चौरसिया और उसके दो नाबालिग साथियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से तीन iPhone, एक एंड्रॉयड मोबाइल और 24 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार आरोपी परिचित लोगों से बातचीत या फोटो खींचने के बहाने उनका मोबाइल ले लेते थे। इसी दौरान वे मोबाइल से सिम निकालकर अपने iPhone में लगाते और UPI ऐप को सक्रिय कर नया पासकोड बना लेते थे। इसके बाद सिम वापस पीड़ित के फोन में लगा दी जाती थी, लेकिन UPI की पहुंच आरोपियों के iPhone में बनी रहती थी। इसी तरीके से वे खातों से ऑनलाइन पैसे निकाल लेते थे।
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जांच में पता चला कि 28 मई को आरोपियों ने रवि वर्मा के खाते से 95 हजार रुपये और 3 जुलाई को अरुण कुमार वर्मा के खाते से एक लाख रुपये की ठगी की। दोनों मामलों में कुल 1.65 लाख रुपये की साइबर ठगी की पुष्टि हुई है। ठगी के कुछ रुपये ऑनलाइन गेम में लगाए गए, जबकि बाकी रकम अलग-अलग बैंक खातों में भेजकर आपस में बांट ली गई।
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पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने यह तरीका यूट्यूब से सीखा था। वे सेकेंड हैंड iPhone खरीदते, वारदात के बाद उन्हें स्थानीय दुकानों पर बेच देते और फिर दूसरा फोन खरीदकर नई वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह के बैंक खातों, मोबाइल फोन और डिजिटल लेन-देन की जांच जारी है। आशंका है कि इस गिरोह ने इसी तरीके से कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया है और जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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