उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार अगले एक से दो सप्ताह के भीतर आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मानदेय तय करेगी। इसके लिए आउटसोर्स सेवा निगम/कमीशन की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे कर्मचारियों को उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, मिड-डे मील रसोइयों और ग्राम चौकीदारों को भी सम्मानजनक मानदेय मिले, इसके लिए सरकार अनुपूरक बजट के माध्यम से आवश्यक प्रावधान कर रही है। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की सेवाएं प्रदेश के विकास और जनकल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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पत्रकारों से बातचीत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानसभा जनता की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दे सदन में रखने और जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा करने की अपील की।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गरीब, किसान, युवा और महिलाओं का सशक्तिकरण है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए छह करोड़ से अधिक गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार फसलों की खरीद और गन्ना मूल्य का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में करा रही है।इस दौरान मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध करते थे, वही आज इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
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