सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर दुर्गाकुंड स्थित आदिशक्ति मां कूष्मांडा मंदिर में मां कूष्मांडा का भव्य रुद्राक्ष श्रृंगार किया गया। मां का 11 हजार रुद्राक्ष के दानों से अलौकिक श्रृंगार पं. ऋषभ दुबे ने किया। नूतन वस्त्राभूषण से सुसज्जित मां की भव्य आरती उतारी गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
सायंकाल गीतकार कन्हैया दुबे ‘केडी’ के संयोजन में भव्य भजन संध्या आयोजित हुई। गायन, वादन और नृत्य की त्रिवेणी मां के चरणों में अर्पित की गई। कथक नृत्यांगना डॉ. ममता टंडन की शिष्या विशालाक्षी त्रिपाठी ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। शांभवी सेठ और मांडवी सिंह ने भी सुंदर कथक नृत्य के माध्यम से भाव अर्पित किए।
लोक कलाकार ओम तिवारी, बाल कलाकार यथार्थ दुबे, अंशिका सिंह और व्यास मौर्य ने देवी गीत, कजरी और सोहर सहित विभिन्न प्रस्तुतियों से माहौल भक्तिमय कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर द सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं महामंत्री समेत कलाकारों को मंदिर के महंत पं. धन्नी शंकर दुबे ने प्रसाद एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। आरती के बाद श्रद्धालुओं में भोग-प्रसाद वितरित किया गया।



