गोरखपुर में रेलवे के एक स्टेशन अधीक्षक की बेटी पर लोगों को लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी गरिमा सिंह और उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में कई अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।जांच के दौरान गरिमा सिंह की डायरी भी पुलिस के हाथ लगी है। डायरी में उसने लिखा था, "मैं गरिमा सिंह, अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी। यह मेरा लक्ष्य है। मेरे सभी लोन अप्रैल से मई तक खत्म हो जाएंगे। अप्रैल से मई तक मेरा लक्ष्य 100 करोड़ रुपये कमाना है। गरिमा सिंह करोड़पति है। धन्यवाद भगवान।" पुलिस डायरी को भी जांच का हिस्सा मान रही है।
मामले की शिकायत रेलवे कर्मचारी सत्यप्रकाश सिंह ने एम्स थाने में दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि ध्रुव नारायण सिंह ने उनकी मुलाकात अपनी बेटी गरिमा सिंह से कराई थी। गरिमा ने उनके कार लोन को बंद कराने का भरोसा देते हुए पहले पर्सनल लोन लेने की सलाह दी और कहा कि लोन की पूरी राशि उसके खाते में ट्रांसफर करनी होगी। बदले में वह सभी ईएमआई खुद जमा करेगी और कार लोन भी समाप्त करा देगी।आरोप है कि गरिमा ने सत्यप्रकाश सिंह के दस्तावेजों के आधार पर आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, यस बैंक, एसबीआई, एसएमएफजी और बंधन बैंक सहित छह बैंकों से कुल 1.67 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया। उसने करीब 10 लाख रुपये सत्यप्रकाश के खाते में भेजे और इसे उनका लाभ बताया।शिकायतकर्ता के अनुसार, गरिमा ने शुरुआती तीन महीनों तक लोन की ईएमआई जमा की, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। इसके बाद बैंकों से बकाया राशि के लिए फोन आने लगे। जब उन्होंने गरिमा से संपर्क किया तो वह लगातार टालमटोल करती रही। अंततः उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
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पुलिस ने इस मामले में गरिमा सिंह, उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह, पति भानू प्रताप सिंह तथा सहयोगी विशाल यादव, राजेंद्र कुमार, चंद्रप्रकाश, दिनकर मणि त्रिपाठी और संजय सिंह उर्फ जयप्रकाश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।पुलिस के अनुसार, दिलीप सिंह, डॉ. परमात्मा सिंह, साधना मल्ल, सुग्रीव सिंह और संदीप पांडेय सहित कई अन्य लोगों ने भी इसी तरह की ठगी की शिकायत सीओ कार्यालय में की है। इन शिकायतों की भी जांच की जा रही है।एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि मामले में पिता-पुत्री को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। साथ ही सामने आ रही अन्य शिकायतों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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