सीपीएम, सीपीआई, सीपीआई (एमएल), कांग्रेस, राजद और फॉरवर्ड ब्लॉक समेत विपक्षी दलों व किसान संगठनों ने उत्तर प्रदेश सरकार पर विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाया। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर पुलिस की कथित निगरानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पुलिस द्वारा राजनीतिक और किसान संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं से बैंक खाते, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वंश वृक्ष और व्यक्तिगत व्यवसाय से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही है। विपक्ष का कहना है कि ये जानकारियां कथित तौर पर मौखिक रूप से मांगी जा रही हैं और इसके लिए कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया है।
विपक्षी नेताओं ने इसे निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताते हुए प्रदेश को ‘पुलिस राज’ और ‘निगरानी राज’ में बदलने का आरोप लगाया। साथ ही आरएसएस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए।प्रतिनिधियों ने राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों की कथित निगरानी व उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।



