भारतीय रिजर्व बैंक अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर (प्लास्टिक) नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद बताया कि यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो नए वित्त वर्ष की शुरुआत में प्लास्टिक के नोट चलन में आ सकते हैं।गवर्नर ने बताया कि फिलहाल पॉलिमर सामग्री की खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। इसके बाद नोटों का परीक्षण, सुरक्षा मानकों की जांच और आवश्यक मंजूरियां ली जाएंगी। सभी चरण पूरे होने के बाद ही नोटों को बाजार में उतारा जाएगा।

आरबीआई के अनुसार, पॉलिमर नोट लाने का मुख्य उद्देश्य नोटों की उम्र बढ़ाना और करेंसी प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है। कम मूल्य वर्ग के नोट सबसे अधिक इस्तेमाल होते हैं और जल्दी खराब हो जाते हैं। पॉलिमर नोट कागजी नोटों की तुलना में तीन से चार गुना अधिक टिकाऊ होते हैं और कई देशों में पिछले 30 वर्षों से सफलतापूर्वक उपयोग किए जा रहे हैं।पॉलिमर नोट एक विशेष सिंथेटिक प्लास्टिक फिल्म से तैयार किए जाते हैं, जो मजबूत, लचीली और अधिक सुरक्षित होती है। सरकार पहले ही आरबीआई को 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों के पायलट प्रोजेक्ट की अनुमति दे चुकी है। शुरुआती चरण में करीब दो अरब नोट परीक्षण के लिए छापे जाएंगे। पायलट सफल रहने पर इनका बड़े पैमाने पर उत्पादन और देशभर में प्रचलन शुरू किया जाएगा।
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