केसरिया भारत ने यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बिल वापस लेने की मांग उठाई

केसरिया भारत ने आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने और यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बिल-2026 को वापस लेने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संस्था ने आरोप लगाया कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था का लाभ समाज के जरूरतमंद वर्ग तक समान रूप से नहीं पहुंच पा रहा है, इसलिए आरक्षण को आर्थिक आधार से जोड़ने की आवश्यकता है।

संस्था के प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह और प्रमुख संयोजक कृष्णानंद पांडेय की ओर से दिए गए ज्ञापन में यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बिल-2026 को लेकर भी आपत्ति जताई गई। कहा गया कि प्रस्तावित नियम सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की स्थिति पैदा कर सकते हैं। संस्था ने समता समिति में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और झूठी शिकायतों के खिलाफ दंड का प्रावधान करने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता, योग्यता और निष्पक्षता का वातावरण बनाए रखना जरूरी है। संस्था ने यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बिल-2026 को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि न्याय सभी वर्गों के लिए समान और निष्पक्ष होना चाहिए।





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