बुधवार को हुई करीब एक घंटे की तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली, लेकिन चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसुवाही इलाके में हालात सबसे अधिक गंभीर रही। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर बारिश का पानी भर गया, जिससे सड़क तालाब जैसी दिखाई देने लगी। जलभराव के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।स्थानीय निवासी मनीष कुमार पटेल ने बताया कि क्षेत्र में जलभराव की समस्या पिछले लगभग दस वर्षों से बनी हुई है। कई बार पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। हर वर्ष बारिश के दौरान लोगों को इसी समस्या से जूझना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सड़क पर पानी भर जाने से आए दिन लोग फिसलकर गिर जाते हैं। इसी मार्ग पर एक प्राचीन मंदिर भी स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। जलभराव के कारण श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर मंदिर तक जाना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी असुविधा होती है।मनीष कुमार पटेल ने बताया कि करीब दो महीने पहले नालियों की सफाई और मरम्मत का कार्य कराया गया था, लेकिन सफाई के दौरान निकाला गया सिल्ट और कचरा पूरी तरह नहीं हटाया गया। बारिश के दौरान वही सिल्ट दोबारा नालियों में भर गया, जिससे नालियां जाम हो गईं और पानी की निकासी बाधित हो गई।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी मार्ग से कुछ दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित है और आसपास कई अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय भी हैं। जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, अभिभावकों और वाहन चालकों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि क्षेत्र में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, नालियों की नियमित एवं प्रभावी सफाई कराई जाए तथा सड़क की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में थोड़ी सी बारिश भी लोगों के लिए परेशानी का कारण न बने।
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