श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर बाबा विश्वनाथ की पंचबदन चल प्रतिमा को सपरिवार झूले पर विराजमान कराने से पूर्व टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर विशेष पूजन-अनुष्ठान किया गया। इस दौरान धेनुदुग्ध से अभिषेक कर बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा का हरियाली श्रृंगार किया गया।
मंदिर के महंत पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया कि श्रावण पूर्णिमा पर बाबा की चल प्रतिमा को मंदिर ले जाने से पूर्व परंपरा के अनुसार महंत आवास पर विशेष पूजन और श्रृंगार किया जाता है। ब्रह्ममुहूर्त में पं. सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में 11 वैदिक ब्राह्मणों ने भगवान शिव परिवार की चल प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन कराया।
सायंकाल बाबा विश्वनाथ की पंचबदन चल प्रतिमा का राजसी एवं हरियाली श्रृंगार किया गया, जिसे संजीव रत्न मिश्र ने संपन्न कराया। शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर बाबा की चल प्रतिमा का राजसी श्रृंगार किया गया। इसके बाद शाम को पंचबदन चल प्रतिमा को पालकी से टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से काशी विश्वनाथ मंदिर ले जाया गया। मंदिर के गर्भगृह में बाबा को परंपरागत रूप से झूले पर विराजमान कराया गया।
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