सारनाथ स्थित महाबोधि इंटर कॉलेज परिसर में बुधवार को महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के संस्थापक स्वामी अनागारिक धर्मपाल की मूर्ति का अनावरण किया गया। महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के महासचिव भिक्षु पी. शिवली थेरो और भिक्षु आर. सुमिता नंद थेरो ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्ति का अनावरण किया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किए गए।
इस अवसर पर भिक्षु पी. शिवली थेरो ने कहा कि धर्मपाल एक महापुरुष थे और उनके कार्यों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य की नींव तैयार करते हैं। महाबोधि विद्या परिषद के अध्यक्ष प्रो. राममोहन पाठक ने कहा कि सारनाथ ज्ञान की भूमि है और वर्तमान सारनाथ के विकास में अनागारिक धर्मपाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी मूर्ति ज्ञान, करुणा और त्याग का संदेश देती है।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों को आंवला, तुलसी, सहजन, नींबू और बेर सहित करीब 100 पौधे वितरित किए गए। साथ ही स्वामी अनागारिक धर्मपाल के जीवन एवं कार्यों पर भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित हुई।
कार्यक्रम का संचालन प्रवीण श्रीवास्तव ने किया, जबकि प्रधानाचार्य डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर भिक्षु शील वंश, भिक्षु धम्म प्रिय, गुंजा श्रीवास्तव, अनिल सोनकर, रविशंकर मौर्य, स्नेहा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


