वाराणसी में गंगा का जलस्तर अब धीरे-धीरे घटने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार को जलस्तर 70.31 मीटर दर्ज किया गया और 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी कम हो रहा है। अस्सी घाट की गलियों से भी पानी उतरने लगा है, हालांकि अभी भी 84 घाट पूरी तरह जलमग्न हैं। नमो घाट का अधिकांश हिस्सा डूबा हुआ है और नाव संचालन पर रोक लगी है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह छत पर तो हरिश्चंद्र घाट की गलियों में किया जा रहा है।
बाढ़ से जिले के 16 मोहल्ले और 24 गांव प्रभावित हैं। पिछले एक सप्ताह में 836 परिवारों के 3876 लोग विस्थापित होकर राहत शिविरों में पहुंच चुके हैं। शुक्रवार को ही 567 परिवारों के 2486 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। प्रभावितों की संख्या बढ़ने के साथ राहत शिविरों की संख्या 19 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है, जहां भोजन, बच्चों को दूध और मेडिकल सुविधा दी जा रही है।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे बाद फिर तेज बारिश की संभावना जताई है। आज सुबह तापमान 33 डिग्री और हवा की रफ्तार 6 किमी प्रति घंटा रही। राहत और बचाव कार्य तेज करने के लिए प्रशासन ने 6 अतिरिक्त मोटरबोट की व्यवस्था की है, अब कुल 42 नावें लगाई गई हैं और NDRF की एक अतिरिक्त टीम भी सक्रिय की गई है।


