काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्रा छात्रावासों में आकर्षक सजावट, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित मनमोहक झांकियां सजाई गईं। देर रात तक पूरा परिसर कृष्ण भक्ति में सराबोर रहा।
इसी क्रम में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी त्रिवेणी छात्रावास पहुंचे और छात्राओं द्वारा तैयार की गई झांकियों का अवलोकन किया। उन्होंने छात्राओं की रचनात्मकता और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि झांकियों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे पूरा वातावरण मथुरा-वृंदावनमय हो गया हो।
कुलपति ने कहा कि बीएचयू शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को आगे बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ते हैं।
पीएचडी शोधार्थी अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि जन्माष्टमी को लेकर छात्राओं में खासा उत्साह था। सभी ने मिलकर कई दिनों की मेहनत से झांकियां तैयार कीं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय छात्रावासों में ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष गूंज उठे। विद्यार्थियों की सहभागिता और रचनात्मकता ने जन्माष्टमी उत्सव को यादगार बना दिया।


