कोतवाली थाना क्षेत्र के मध्यमेश्वर स्थित महामृत्युंजय मंदिर के पास पूजा-पाठ की दुकान से सामान और दूध की वापसी को लेकर हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस FIR दर्ज होने के बाद एक पक्ष के नामजद अधिवक्ता को कोतवाली बुलाकर परेशान करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार, शिवांगी सिंह की तहरीर पर मुकदमा संख्या 0207/2026 और विकास यादव की तहरीर पर मुकदमा संख्या 0208/2026 दर्ज किया गया है। दोनों मुकदमों में BNS की धारा 115(2), 191(2), 351(3) और 352 के तहत कार्रवाई की गई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट समेत गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है।
मामले में नामजद अधिवक्ता कृष्णा यादव ने आरोप लगाया कि क्रॉस FIR के बाद उन्हें बार-बार कोतवाली बुलाकर दबाव बनाया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर बनारस बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता कोतवाली मैदागिन पहुंच गए।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान कोतवाल दया शंकर सिंह द्वारा कथित तौर पर तुम-तड़ाक की भाषा का प्रयोग किए जाने से अधिवक्ताओं में नाराजगी है। मौके पर अधिवक्ताओं ने पुलिस के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए सम्मानजनक तरीके से बातचीत करने की बात कही।
अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि किसी अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज है तो पुलिस नियमानुसार जांच और कार्रवाई करे, लेकिन अनावश्यक दबाव या अभद्र व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से दर्ज मुकदमों की जांच जारी है और आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।


