आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उद्योगपतियों के हित में काम करने का आरोप लगाया। वाराणसी दौरे पर पहुंचे संजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के विदेश दौरों के दौरान अडानी समूह को कारोबारी लाभ मिलने के मामले सामने आते रहे हैं। उन्होंने कजाकिस्तान दौरे का भी जिक्र करते हुए सरकार से सवाल किए।
संजय सिंह ने दावा किया कि देश की 43 निजी कंपनियों के करीब 3.53 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों को राहत दी जा रही है, जबकि गरीब, छोटे कारोबारी, पटरी दुकानदार और छात्र कर्ज की समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा, “पीएम मोदी अडानी के प्रधानमंत्री हैं, देश के प्रधानमंत्री नहीं।”
उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। संजय सिंह का कहना था कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद कंपनियों पर दबाव बनाया जाता है और उन्हें बड़े उद्योग समूहों को सौंपने का रास्ता तैयार किया जाता है।
संजय सिंह ने वाराणसी के कोनिया क्षेत्र में स्कूल की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि करीब 30 हजार की आबादी वाले क्षेत्र का स्कूल लगभग तीन साल से मरम्मत के नाम पर बंद है, जबकि सरकारी पोर्टल पर स्कूल संचालित दिख रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
संजय सिंह ने सरकार से स्कूल का निर्माण जल्द पूरा कराकर बच्चों की पढ़ाई सुचारु कराने की मांग की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तीन साल में तो ताजमहल बन जाता है, फिर स्कूल के निर्माण में इतनी देरी क्यों हो रही है।


