वाराणसी में एनकाउंटर में मारे गए 30 लाख रुपये के इनामी नक्सली बृजेश गंझू को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि बृजेश गंझू AK-47 और AK-56 जैसे अत्याधुनिक हथियारों की फैक्ट्री चलाता था। बताया जा रहा है कि वह हथियारों के निर्माण और नक्सली नेटवर्क को मजबूत करने में सक्रिय था। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके हथियारों के नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही हैं।
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, लंका मैदान के पास बृजेश गंझू की घेराबंदी की गई थी। इस कार्रवाई में एटीएस उपाधीक्षक विपिन राय, गोरखपुर यूनिट के निरीक्षक विजय प्रताप सिंह और वाराणसी यूनिट के भारत भूषण तिवारी समेत पुलिसकर्मी शामिल थे। घेराबंदी के दौरान जवाबी कार्रवाई में एटीएस ने ताबड़तोड़ 11 राउंड फायरिंग की, जिसमें नक्सली बृजेश गंझू ढेर हो गया।
वहीं, मुठभेड़ के दौरान एक युवक के मौके से भागने की जानकारी भी सामने आई है। फरार युवक के बारे में पुलिस समेत अन्य जांच टीमें पड़ताल कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह युवक कौन था और उसका बृजेश गंझू से क्या कनेक्शन था। इसके साथ ही AK-47 और AK-56 बनाने वाली फैक्ट्री, हथियारों की सप्लाई और बृजेश के पूरे नेटवर्क को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।


