भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया पर सोमवार को काशी के मीरघाट स्थित प्राचीन मां विशालाक्षी मंदिर में आदिशक्ति मां विशालाक्षी का प्राकट्य उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। सुबह पांच बजे मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। मां के दर्शन-पूजन के लिए देर रात तक भक्तों की कतार लगी रही।
प्रातः साढ़े पांच बजे महंत सुरेश तिवारी ने मां विशालाक्षी का अभिषेक कर आरती की। इसके बाद दिनभर चले विशाल भंडारे में 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। महंत परिवार की ओर से मां का भव्य श्रृंगार और विराट आरती भी की गई। मंदिर परिसर पूरे दिन मां के जयकारों से गूंजता रहा।
मीरघाट स्थित मां विशालाक्षी धाम को काशी के प्रमुख शक्तिपीठों में विशेष मान्यता प्राप्त है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां मां आदिशक्ति के स्वरूप में विराजमान हैं। देशभर से श्रद्धालु मां के दर्शन-पूजन के लिए काशी पहुंचते हैं और सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना करते हैं।
प्राकट्य उत्सव के दौरान रात में कन्हैया दुबे केडी की टीम ने भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु देर तक भक्ति में झूमते रहे। आयोजन में महंत राजनाथ तिवारी, पंडित नितिन तिवारी, पंडित अनिल तिवारी, पंडित विकास तिवारी, जतिन तिवारी समेत महंत परिवार के अन्य सदस्यों ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।


