वाराणसी में साइबर ठगी के मामलों में पुलिस अब सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। साइबर अपराध से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर उसके अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। पुलिस कमिश्नर ने सभी थानों से साइबर ठगी से जुड़े मामलों की रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस का फोकस ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, सिम कार्ड, डिजिटल लेनदेन और आरोपियों के आपसी कनेक्शन की जांच पर रहेगा। इसके जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि गिरफ्तार आरोपियों के पीछे और कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। अधिकारियों के निर्देश के मुताबिक, किसी मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी जांच बंद नहीं होगी। पुलिस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। पुराने मामलों की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध में कई बार अलग-अलग स्तर पर लोग जुड़े होते हैं। ऐसे में सिर्फ एक या दो आरोपियों की गिरफ्तारी से पूरा नेटवर्क सामने नहीं आ पाता। इसी को देखते हुए थानों से मामलों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।


