शारदीय नवरात्र के बाद काशी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विदाई देने के लिए सड़कों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बाजे-गाजे की धुन, जयकारों और नाचते-गाते भक्तों के बीच विसर्जन जुलूस निकाले गए। इस दौरान पूरा शहर भक्तिमय माहौल में नजर आया, वहीं भारी भीड़ के चलते कई प्रमुख मार्ग जाम की चपेट में रहे।
सनातन धर्म सहित छोटी-बड़ी सभी दुर्गा प्रतिमाओं का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। विसर्जन जुलूस में आकर्षक लाग-विमान, देवी-देवताओं के विभिन्न स्वरूप और एक से बढ़कर एक मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इन्हें देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भारी भीड़ जुटी। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमते हुए मां दुर्गा को विदाई देने निकले। पूरा वातावरण जयकारों से गूंजता रहा।
प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। भीड़ और जुलूसों के कारण देर रात तक यातायात प्रभावित रहा। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही काशी में नवरात्र उत्सव का समापन हुआ।


