वाराणसी। रामकटोरा स्थित राणीसती धाम में शरद पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को डांडिया रास उत्सव एवं भजन-कीर्तन का विशेष आयोजन किया गया। शाम सात बजे राणीसती दादी की विशेष आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों, महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक डांडिया रास में भाग लिया। लाल और पीले रंग के परिधानों की विशेष छटा देखने को मिली। पूरा धाम भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणों में अमृत का प्रभाव माना जाता है। मान्यता है कि इसी रात भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया था। इस अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना का भी विशेष महत्व है। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन के माध्यम से राणीसती दादी की जीवन यात्रा और उनके प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, प्रेम, दृढ़ संकल्प एवं भक्ति का भाव प्रस्तुत किया गया।
आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के रमेश चौधरी, केशव जालान, निधि देव अग्रवाल, संजय झुनझुनवाला, शरद शाह, दीपक बजाज, आलोक मोदी, महेश टेकरीवाल, राजेश तुलस्यान, गोपाल तुलस्यान, आनंद अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अशोक गिनोदिया और रवि बूबना का विशेष सहयोग रहा।
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