शारदीय नवरात्र एवं दुर्गा पूजा महोत्सव के समापन पर मां दुर्गा की विदाई के दौरान श्रद्धालु भावुक नजर आए। तीन दिनों तक भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना से गुलजार रहे पंडालों में विधि-विधान से पूजा के बाद मां की प्रतिमाओं को कृत्रिम तालाब में विसर्जित किया गया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच मां को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर आगमन की कामना की।
बाबा स्पोर्टिंग क्लब के दीपक सिंह राजवीर ने कहा कि तीन दिनों तक सुबह-शाम पूजा करने से मां से विशेष जुड़ाव हो जाता है। ऐसे में विदाई का पल बेहद मार्मिक होता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ अपनी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं।
वहीं, सोनू महाराज ने कहा कि मां भगवती हर उस स्थान पर विराजमान होती हैं, जहां सच्चे मन से उनकी पूजा होती है। मां के आगमन से वातावरण भक्तिमय हो जाता है और विदाई के समय मन भारी हो जाता है। हालांकि, भक्तों को विश्वास रहता है कि मां अगले वर्ष फिर उनके बीच आएंगी।
विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में जुटे अमित मिश्रा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए वह अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। प्रतिमा विसर्जन के साथ दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए भावुक मन से कहा— मां, अगले वर्ष फिर जल्दी आना।


