स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल बनपुरवा के प्रांगण में आयोजित चार दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के पहले दिन रविवार को सिद्धहस्त विषय विशेषज्ञ अरुणिमा रॉय ने अध्यापन शैली के संदर्भ में विशेष जानकारियां दी ।कार्यशाला का शुभारम्भ न्यू सरस्वती पब्लिकेशन के रिसोर्स पर्सन व मुख्य अतिथि अरुणिमा रॉय एवं विद्यालय के प्रबन्धक प्रकाशध्यानानन्द तथा विद्यालय शाखा समूह के प्रधानाचार्य ने स्वामी हरसेवानन्द जी महाराज के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से किया।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में टीचर्स मोटीवेशन" विषयान्तर्गत मुख्य अतिथि ने कहा कि फल की अपेक्षा आज की दुनिया में बच्चा बिलकुल बदल चुका है इसलिए शिक्षकों को भी उसी क्रम में बदलना नितान्त आवश्यक है। शिक्षक को तथ्यों का पुनर्मूल्यांकन करना होगा। हमें ऐसे-ऐसे खोज करने होंगे जो बच्चों में शिक्षा के प्रति अकस्मात् आवेग और आकर्षण पैदा कर दे।क्रमशः दूसरे सत्र "इफेक्टिव लर्निंग प्रोसेस के अन्तर्गत कहा कि आज के डिजिटल दौर में बच्चे इतने एडवांस हो गये हैं कि नैतिक मूल्यों को भूलते चले जा रहे हैं। जिसकी सारी जिम्मेदारी शिक्षकों पर आ गयी है। हमें चाहिए कि बच्चों की लर्निंग प्रोसेस को इतना इफेक्टिव बनाये कि अपने नैतिक मूल्यों के साथ सामंजस्य बैठाते हुए स्वयं का सर्वांगीण विकास कर सकें। कार्यक्रम के सम्पन्न होने से पूर्व आज की श्रृंखला का उद्घाटन करते हुए विद्यालय के सचिव एवं प्रबंधक प्रकाशयानानन्द ने कहा कि शिक्षकों का कर्तव्य है कि वे बच्चों की हर जिज्ञासा को तार्किक एवं सम्यक ज्ञान से शांत करें।
इस अवसर पर प्राचार्य चुर्क महाविद्यालय एस०के० चौबे, प्रधानाचार्या जगतगंज रचना अग्रवाल व उपप्रधानाचार्या अमिता सिंह, प्रधानाचार्य चुर्क ए०के० वर्मा सहित सभी शिक्षक उपस्थित रहे। न्यू सरस्वती पब्लिकेशन के शिवम मिश्रा व वेद चौबे, श्रद्धा बुक डिपो के अमित जायसवाल का सराहनीय योगदान रहा।

