केंद्र सरकार ने गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार होने वाले नेताओं को लेकर सख्त कानून बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन अहम विधेयक पेश किए, जिनका सीधा असर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर पड़ेगा। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री ऐसे गंभीर अपराध में गिरफ्तार होता है, जिसमें कम से कम 5 साल की सजा का प्रावधान हो, और वह लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहता है, तो 31वें दिन उसे पद से हटाना अनिवार्य होगा। विपक्ष ने इन बिलों का जमकर विरोध किया और इन्हें संविधान तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए वापस लेने की मांग की।
कांग्रेस, AIMIM और सपा ने इसे न्याय विरोधी करार दिया। सरकार का कहना है कि अभी तक ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं था, इसलिए इस खालीपन को भरने की जरूरत थी। इसी कड़ी में यूनियन टेरिटरीज एक्ट 1963, संविधान के अनुच्छेद 75, 164 और 239AA तथा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून 2019 में संशोधन लाने की तैयारी की गई है। इसके साथ ही केंद्र ने लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग पर रोक लगाने के लिए अलग बिल भी पेश किया है। इस कानून के तहत ऑनलाइन मनी गेमिंग या उसके विज्ञापन को अपराध माना जाएगा, जिसके लिए 3 साल तक की जेल या 1 करोड़ रुपये तक जुर्माने, या दोनों का प्रावधान होगा।
