माफिया मुख्तार अंसारी का बेटा उमर अंसारी अब जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। गाजीपुर जिले के एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि जिस अपराध में उमर को गिरफ्तार किया गया है वह गंभीर प्रकृति का है और इसके पुख्ता सबूत मौजूद हैं।उमर अंसारी को पुलिस ने बीते दिनों लखनऊ के दारूलशफा स्थित विधायक निवास से गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि उसने अपनी मां आफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर एक शपथ पत्र तैयार किया और उसे अदालत में दाखिल कर दिया। इस शपथ पत्र का मकसद गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई पारिवारिक संपत्ति को बचाना था।
पुलिस की जांच में यह साफ हुआ कि दस्तावेज पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं और असली नहीं।पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मुख्तार अंसारी और उसके परिवार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की गई थी। इसके तहत उनकी करोड़ों रुपये की संपत्तियां कुर्क की गईं। इन संपत्तियों को मुक्त कराने के लिए उमर ने धोखाधड़ी और जालसाजी का रास्ता अपनाया। उसने अदालत को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आ गई।अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उमर अंसारी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। अदालत का कहना है कि आरोपी द्वारा किए गए अपराध का सीधा संबंध न्यायिक प्रक्रिया से है और यह समाज व न्याय व्यवस्था के लिए खतरनाक है। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण में आगे की कार्रवाई कर रही है।
