रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। यूक्रेनी एयरफोर्स ने दावा किया है कि रूस ने इस साल का अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। इस हमले में रूस ने एक साथ 574 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागीं। यूक्रेन की वायुसेना ने इनमें से बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन कुछ ने अपने लक्ष्य को भेद दिया, जिससे कई जगहों पर जोरदार धमाके, आगजनी और तबाही देखने को मिली। इस हमले में कम से कम 1 नागरिक की मौत हुई है और 15 लोग घायल हुए हैं। घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और स्थानीय आपदा राहत टीमें प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच सीजफायर की कोशिशें चल रही थीं। लेकिन रूस के इस बड़े हमले ने उन कोशिशों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि यह साफ संकेत है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन का युद्ध खत्म करने का कोई इरादा नहीं है। उनका आरोप है कि पुतिन लगातार हमलों के जरिए यूक्रेन को अस्थिर करना चाहते हैं और नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले को लेकर चिंता जताई जा रही है। कई देशों ने रूस के हमले की निंदा करते हुए तुरंत युद्धविराम और शांति बहाली की अपील की है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष और गहरा होता जा रहा है। लगातार हो रहे हवाई हमले न सिर्फ सैन्य ठिकानों, बल्कि आम नागरिकों के जीवन और बुनियादी ढांचे पर भी गहरा असर डाल रहे हैं।
