उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना "विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना" वाराणसी में सवालों के घेरे में है। योजना के तहत 10 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा करने के बावजूद लाभार्थियों को लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो प्रशिक्षण प्रमाण पत्र मिला है और न ही ट्रेनिंग उपरांत मिलने वाले टूलकिट का वितरण किया गया है।जानकारी के अनुसार, 10 से 20 सितंबर 2024 तक पहाड़ियां स्थित होटल चित्रगुप्त प्रांगण में हलवाई ट्रेड और सिलाई-कढ़ाई ट्रेड के सैकड़ों महिलाओं व पुरुषों को प्रशिक्षण दिया गया था। यह ट्रेनिंग ट्रेनर पंकज और संस्था की हेड सुष्मिता श्रीवास्तव की निगरानी में पूरी कराई गई थी। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद 18 जनवरी 2025 को लाभार्थियों ने परीक्षा भी दी।योजना के आयोजक UPI Con, लखनऊ और सह-आयोजक जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र लहरतारा, वाराणसी रहे।
लाभार्थियों के फॉर्म भरने से लेकर इंटरव्यू तक की प्रक्रिया इसी केंद्र में सम्पन्न हुई थी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद लाभार्थियों के खातों में पैसे तो भेजे गए, लेकिन सर्टिफिकेट और टूलकिट नहीं मिलने से उनमें नाराज़गी बढ़ गई है।लाभार्थियों का आरोप है कि टूलकिट वितरण में घपलेबाजी हुई है। वे जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र के अधिकारियों की लचर व्यवस्था को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों की इस लापरवाही से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि धूमिल हो रही है।गौरतलब है कि पिछले साल के लाभार्थियों को अब तक किट और प्रमाण पत्र नहीं मिले, लेकिन इस वर्ष नए आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन भी शुरू कर दिया गया है।लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि वह इस मामले को संज्ञान में लेकर तुरंत कार्रवाई करें और प्रमाण पत्र व टूलकिट का वितरण सुनिश्चित करवाएँ, ताकि इस योजना का असली लाभ बेरोजगार युवाओं तक पहुँच सके।
