50 साल पुरानी परंपरा टूटी – बरेका का ऐतिहासिक रावण दहन अब जनता के लिए बंद, सिर्फ पास धारकों को ही मिलेगी एंट्री

बरेका में दशहरे पर होने वाला मशहूर रावण दहन इस बार आम जनता नहीं देख पाएगी। जिला प्रशासन और बरेका प्रबंधन ने सुरक्षा कारणों से फैसला लिया है कि 2 अक्टूबर सुबह 10 बजे से लेकर रावण दहन तक बरेका के सभी गेट बंद रहेंगे। 

जानकारी के मुताबिक, हर साल यहां के केंद्रीय खेल मैदान में रावण दहन देखने करीब एक लाख से ज्यादा लोग जुटते हैं। भीड़ को संभालना और सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होती है। इसी वजह से इस बार ककरमत्ता मुख्य गेट, एफसीआई गेट, नाथूपुर गेट, पहाड़ी गेट और कंदवा गेट पूरी तरह सील कर दिए जाएंगे। केवल रेल कर्मचारियों और पास धारकों को ही पहचान पत्र दिखाने पर अंदर जाने दिया जाएगा। बरेका का रावण दहन करीब 50 साल पुरानी परंपरा है और इसे देखने लोग न सिर्फ वाराणसी, बल्कि आसपास के जिलों से भी आते रहे हैं। लेकिन इस बार आम लोग इस ऐतिहासिक आयोजन से वंचित रह जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए उठाया गया है। वहीं, स्थानीय लोग नाराज़गी और निराशा जता रहे हैं क्योंकि वे वर्षों से इस खास आयोजन का हिस्सा बनते आए हैं।

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