शारदीय नवरात्र के सातवें दिन बनारस रेल इंजन कारखाना (ब.रे.का) स्थित रंगशाला में रामलीला का मंचन बेहद धूमधाम के साथ हुआ। आज की लीला का मुख्य प्रसंग था लंका दहन। रामलीला के दौरान मंच पर उस घटना का चित्रण किया गया, जब भगवान राम के दूत हनुमान जी लंका में पहुंचकर रावण की कैद से माता सीता को ढूंढ निकालते हैं।
सीता माता को आश्वस्त करने के बाद हनुमान जी लंका के बंधन से मुक्त होकर वहां उत्पात मचाते हैं और अंत में अपनी पूंछ में अग्नि लगाकर पूरी लंका को जला देते हैं। रंगशाला में हुए इस मंचन को देखने के लिए भारी संख्या में लोग जुटे। दर्शकों ने जय श्रीराम और हनुमान जी के जयकारों के साथ पूरी रामलीला का आनंद लिया। माहौल भक्तिमय और रोमांचकारी बन गया। रामलीला समिति की ओर से बताया गया कि हर साल की तरह इस बार भी ब.रे.का की रामलीला में पारंपरिक अंदाज़ के साथ आधुनिक मंचन की झलक दिखाई दे रही है। लाइट और साउंड इफेक्ट्स ने लंका दहन के प्रसंग को और भी भव्य और आकर्षक बना दिया। भक्तों का कहना था कि रामलीला देखना हर साल नवरात्रि का खास अनुभव होता है और इससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श जीवन से सीखने का मौका मिलता है।
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