मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत आज लक्सा थाने में अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां दो नन्हीं बच्चियाँ — रंजिता प्रकाश और विशाखा गोंड — ने एक दिन के लिए थाना प्रभारी का कार्यभार संभाला।कार्यभार ग्रहण करने से पहले दोनों ने पुलिस कर्मियों से परिचय प्राप्त किया। जैसे ही वे दफ्तर से होकर गुजरीं, थाने के सभी पुलिसकर्मियों ने उन्हें सैल्यूट कर सम्मान दिया। इसके बाद दोनों बाल अधिकारियों ने थाने की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली और विशेष रूप से साइबर क्राइम डेस्क का निरीक्षण कर यह समझा कि साइबर अपराधों की जांच और कार्रवाई किस प्रकार होती है।पदभार संभालते ही उनके पास एक महिला अपनी समस्या लेकर पहुंची। महिला ने बताया कि परिवारजन उसे प्रताड़ित करते हैं, मारपीट करते हैं और घर में रहने तक नहीं देते।
उसकी आजीविका एक छोटी दुकान से चलती है। यह सुनकर नन्हीं अधिकारियों ने तत्काल पुलिस कर्मियों को कार्रवाई का निर्देश दिया और महिला को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।इसी दौरान विशाखा ने मीडिया से कहा, “मेरा सपना है कि भविष्य में आईपीएस या पीसीएस बनूं। आज एक दिन का थानाध्यक्ष पद संभालकर बहुत अच्छा लगा। जब एक परेशान परिवार हमारे पास आया तो हमने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।”वहीं रंजिता प्रकाश ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास है और बचपन से पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखकर आज वे गर्व महसूस कर रही हैं।
