करपात्र धाम में नवरात्र महायज्ञ की शुरुआत – 1008 माताओं ने किया माता ललिता त्रिपुरसुंदरी का पूजन

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर केदार घाट स्थित श्री करपात्र धाम में श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ।पूरे आयोजन की अध्यक्षता पूज्यपाद स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने की।महायज्ञ के प्रथम दिवस पर एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब एक साथ 1008 माताओं ने पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भगवती ललिता त्रिपुरसुंदरी का पूजन कुमकुम द्वारा किया। वातावरण देवी स्तुति और वैदिक मंत्रों से गूंज उठा।महायज्ञ के दूसरे सत्र में माता ललिता त्रिपुरसुंदरी का विशेष श्रृंगार किया गया। देवी के अलौकिक रूप के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। 

इसी क्रम में भक्तिमय वातावरण में संध्या भजन का आयोजन भी हुआ, जिसमें भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा परिसर गूंज उठा।गुरुदेव के शिष्यों ने बताया कि भगवती ललिता त्रिपुरसुंदरी ब्रह्मांड की सर्वोच्च शक्ति हैं। उन्हें आदिशक्ति का रूप माना जाता है, जो सृष्टि की रचना, पालन और संहार करती हैं। धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि देवी ललिता ने भंडासुर राक्षस का वध कर धर्म और सत्य की पुनः स्थापना की थी।ललिता सहस्त्रनाम में उनके एक हज़ार नामों का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु इन नामों का पाठ और अर्चन करता है, उसके जीवन में सुख-समृद्धि, शक्ति और ज्ञान की वृद्धि होती है।नवरात्र महापर्व पर करपात्र धाम में विशेष संकल्प लिया गया है। पूज्य गुरुदेव के पावन सानिध्य में यहां भगवती राजराजेश्वरी ललिता त्रिपुरसुंदरी का एक करोड़ बार कुमकुम से अर्चन किया जाएगा। इस आयोजन में दूर-दूर से भक्त शामिल होकर पुण्यलाभ अर्जित कर रहे हैं।

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