सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि SIR (Special Intensive Revision) के माध्यम से गरीबों को मतदाता सूची और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने यह बात मंडलायुक्त एस. राजालिंगम से मिलने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। इस मुलाकात में गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली और वाराणसी के सपा जिलाध्यक्ष भी मौजूद थे।वीरेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले कुछ जगहों पर मतदाता पुनरीक्षण के दौरान साजिश के जरिए गरीब मतदाताओं के नाम कटे गए और उन्हें चुनाव से दूर रखा गया।
उन्होंने मांग की कि यूपी में बनने वाली नई मतदाता सूची में गरीबों के नाम सुरक्षित रहें और उन्हें किसी तरह की कठिनाई न झेलनी पड़े।सांसद ने यह भी कहा कि कई गरीब परिवार ऐसे पुश्तों (बस्तियों) में रहते हैं जिन पर उन्हें अब सरकारी तौर पर मालिकाना हक देने की जरूरत है। वरना पहले उनके नाम मतदाता सूची से हटेंगे, फिर राशनकार्ड व अन्य लाभ छिन सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर घरौनी (पपर्टी/मकान का रिकॉर्ड) नहीं बनेगा तो गरीबों को सरकारी योजनाओं से वंचित होना पड़ सकता है। वीरेंद्र सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा गरीबों को बराबरी का अधिकार नहीं देने की सोच रखती है और SIR के ज़रिये उनकी जमीन व अधिकार छीने जा रहे हैं। सपा का दावा है कि वे इस मुद्दे पर आंदोलन चलाकर गरीबों को उनका मालिकाना हक और मतदाता अधिकार दिलवाएंगे। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन वाराणसी से शुरू होगा। समितियों ने मंडलायुक्त को भी इस आशय से पत्र सौंपा है।
