महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रों ने विज्ञान संकाय की समस्याओं को लेकर दिया ज्ञापन

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के विज्ञान संकाय के छात्रों ने आज विरोध प्रदर्शन के समाधान की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया। छात्रों का कहना है कि विज्ञान स्नातक में बीसीए, जोशी, बीएससी, एमएससी, भूगोल और गृह विज्ञान जैसे विषयों के उपकरण संचालित होते हैं, लेकिन छात्रों की पढ़ाई में योग्यता की कमी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। 

छात्रों ने अपने निर्देश में आरोप लगाया कि बीसीए के छात्रों को नाममात्र का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि रियल आर्ट्स की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं बी.एस.एस.सी. गणित के छात्रों से तृतीय श्रेणी में मानक परीक्षा नहीं होने के बावजूद ₹500 अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है। कंप्यूटर लैब में 35-40 कंप्यूटर हैं, जबकि विद्यार्थियों की संख्या 300 से अधिक है, इलेक्ट्रॉनिक्स लैब में कंप्यूटर कार्य की कमी है। क्लास की कमी के कारण नियमित पाठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है। ऑक्सफोर्ड ने बताया कि गर्ल्स कॉमनवेल्थ रूम केवल नाम का है, वहां भी क्लासेज चलती हैं, जिससे वे अप्रभावी हो जाते हैं। इसके अलावा स्मार्ट क्लास, वॉशरूम, वॉटर स्ट्रेंथ, पिरिन, बेंच और डस्टबिन जैसे ब्यूटी क्वालिटी की कमी की समस्या भी बताई गई है। छात्रों ने एससी वर्ग से संबंधित फाईस व्हीफिरों पर भी आरोप लगाया और कहा कि आर्थिक रूप से फ़ायदा उठाने वाले छात्रों के लिए पूरी फाईस एकमुश्त जमा करना मुश्किल है। 

छात्रों ने मांग की कि साइंस रेस्तरां के सभी उपकरणों में सहायक उपकरण तकनीकी, इंजीनियर, इंटर्नशिप और इंजीनियरिंग व्यवस्था में सुधार किया जाए और सभी वैज्ञानिक इकाइयों को जल्द ही स्थापित किया जाए। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करें और व्यापक रूप से संपर्क करें।



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