उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर कोट्रेन से अचानक हिरासत में लिए जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। शुरुआत में सोशल मीडिया पर उनकी किडनैपिंग की अफवाह तेजी से फैलने लगी, क्योंकि परिवार की ओर से जानकारी आई थी कि कुछ लोग उन्हें ट्रेन से ज़बरदस्ती उठा ले गए हैं और उनका मोबाइल भी बंद हो गया है।कुछ ही देर बाद यह मामला और गंभीर हो गया, क्योंकि कई समर्थकों ने इसे “पूर्व IG का अपहरण” बताते हुए चिंता जताई और पुलिस प्रशासन से जवाब माँगा।अफवाहों और चर्चा के लगभग एक घंटे बाद पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह अपहरण नहीं, बल्कि एक विधिक कार्रवाई के तहत की गई गिरफ्तारी है।
पुलिस का कहना है कि अमिताभ ठाकुर के खिलाफ दर्ज एक मामले में उन्हें ट्रेन से ही हिरासत में लिया गया था, क्योंकि उन्हें उसी रूट पर लोकेट किया गया।जानकारी के अनुसार, जिस समय यह कार्रवाई हुई, वे ट्रेन में यात्रा कर रहे थे और अचानक अधिकारी उन तक पहुँचे। यात्रियों के मुताबिक, पूरी घटना इतनी तेज़ी से हुई कि लोगों को समझने का मौका ही नहीं मिला कि वास्तव में क्या हो रहा है।गिरफ्तारी की पुष्टि से पहले परिवार ने लगातार कहा था कि उन्हें अमिताभ ठाकुर की सुरक्षा की चिंता है, क्योंकि कई मिनटों तक उनका फोन स्विच ऑफ मिला और लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पा रही थी।समर्थकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट डालकर कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और पुलिस से पूछा कि बिना सूचना इतनी देर तक उन्हें कहाँ रखा गया?सूत्रों के अनुसार, पुलिस जिस केस में कार्रवाई कर रही है, वह पुराने विवाद और कानूनी लड़ाई से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि गिरफ्तारी किस FIR या किस धाराओं के तहत की गई।अधिकारी जल्द ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी जारी कर सकते हैं।नवीनतम जानकारी के मुताबिक, अमिताभ ठाकुर को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें आगे कानूनी प्रक्रिया के लिए ले जाया जा रहा है।इस घटना ने यूपी के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में अचानक हलचल बढ़ा दी है, क्योंकि एक पूर्व IG का इस तरह ट्रेन से उठाया जाना खुद में एक बड़ा मामला माना जा रहा है।
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