लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) में अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर बड़ा संगठनात्मक निर्णय लिया गया है। वाराणसी जिला अध्यक्ष मनोज सिंह एवं उनकी पत्नी जिला उपाध्यक्ष रिम्पी सिंह को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है।यह जानकारी प्रदेश महासचिव एवं मंडल प्रभारी वाराणसी आशुतोष सिंह गहरवार द्वारा प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासवान एडवोकेट को भेजे गए पत्र के माध्यम से सामने आई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि मनोज सिंह एवं रिम्पी सिंह लगातार पार्टी कार्यक्रमों का विरोध कर रहे थे और संगठन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे थे।पत्र के अनुसार 14 दिसंबर 2025 को वाराणसी मंडल में आयोजित सदस्यता अभियान का जिला अध्यक्ष द्वारा विरोध किया गया था। इसके बावजूद कार्यक्रम सफल रहा।
इसके बाद 27 दिसंबर 2025 को जिला कार्यकारिणी की समीक्षा बैठक बुलाई गई, जिसमें अधिकांश पदाधिकारी अनुपस्थित रहे। बैठक में संगठन की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आईं।आरोप है कि 3 जनवरी 2026 को आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन एवं सदस्यता कार्यक्रम के बाद 26 जनवरी को प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को भी जिला अध्यक्ष द्वारा विफल करने का प्रयास किया गया। तिरंगा यात्रा में न तो उन्होंने भाग लिया और न ही संगठनात्मक निर्देशों का पालन किया। साथ ही अन्य पदाधिकारियों पर दबाव बनाकर पार्टी छोड़कर अन्य दल में शामिल होने के लिए उकसाने के भी आरोप लगाए गए हैं।पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है
कि जिला अध्यक्ष द्वारा मंडल प्रभारी, सह प्रभारी एवं अन्य प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बार-बार अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे संगठन की छवि और कार्यक्षमता प्रभावित हो रही थी। साथ ही उन पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के नेताओं के संपर्क में रहकर पार्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।इन सभी तथ्यों को देखते हुए पार्टी के निर्देशानुसार वाराणसी जिला अध्यक्ष मनोज सिंह एवं जिला उपाध्यक्ष रिम्पी सिंह को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल खालिक तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं सांसद अरुण मारती को भी भेजी गई है।

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