यूजीसी के नए बिल के खिलाफ अब संत समाज भी खुलकर मैदान में उतर आया है। केंद्रीय संत समिति ने यूजीसी की नई नियमावली का कड़ा विरोध करते हुए इसे भेदभावपूर्ण और समाज को बांटने वाला करार दिया है।केंद्रीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने बयान जारी करते हुए कहा कि यूजीसी की नई नियमावली हिंदू समाज को कई वर्गों में बांटने का कार्य कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल छात्र जीवन में जातिवाद का जहर घोलने वाला है, जिससे सामाजिक समरसता को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संत समाज इस बिल का पूर्ण रूप से विरोध करता है।
उन्होंने मांग की कि जिन लोगों ने इस बिल को तैयार किया है, उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बिल को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो संत समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

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