इस वर्ष होली पर्व पर चंद्रग्रहण के कारण तिथि में परिवर्तन देखने को मिलेगा। काशी के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित पवन त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रहण के प्रभाव के चलते इस बार होलिका दहन एक दिन विलंब से किया जाएगा।उन्होंने बताया कि 2 मार्च की रात्रि 12 बजकर 50 मिनट के बाद ही होलिका जलाई जाएगी। चंद्रग्रहण के कारण शुभ मुहूर्त में परिवर्तन हुआ है, इसलिए परंपरागत समय के स्थान पर निर्धारित मुहूर्त में ही दहन किया जाएगा।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार 27 फरवरी को काशी में रंगभरी एकादशी मनाई जाएगी, जो होली उत्सव की शुरुआत का प्रमुख पर्व माना जाता है।उन्होंने यह भी बताया कि शास्त्रों में होलिका दहन के लिए लकड़ी एकत्र करने की परंपरा का उल्लेख मिलता है। काशी में होली और उससे जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।
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