उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छोटी टैक्सी और कमर्शियल वाहनों पर लागू किए गए वन टाइम टैक्स (एकमुश्त कर) के खिलाफ वाराणसी में टूरिस्ट टैक्सी संचालक खुलकर विरोध में उतर आए हैं। बनारस टूरिस्ट संगठन और बनारस टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में स्थानीय टैक्सी वाहन स्वामियों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने अपने वाहनों का संचालन पूरी तरह ठप कर दिया और वाराणसी के परिवहन विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा।बीटीटीए के महामंत्री प्रकाश जायसवाल ने सरकार की नीति पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि वन टाइम टैक्स व्यवस्था टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को समाप्त करने की दिशा में उठाया गया कदम प्रतीत होती है। उनका आरोप है कि सरकार आए दिन नए नियम लागू कर व्यवसायियों को आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यवसायियों की आय से कई गुना अधिक टैक्स वसूले जाने की मंशा से कानून बनाए जा रहे हैं, जिससे लोग मजबूर होकर यह व्यवसाय छोड़ दें।
प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख मांगें की कि छोटी टैक्सी गाड़ियों पर लागू वन टाइम टैक्स को तत्काल वापस लिया जाए।पुरानी गाड़ियों पर इस टैक्स से जुड़ी पेनल्टी पूरी तरह माफ की जाए।पूर्व की तरह टैक्स पोर्टल के माध्यम से किस्तों/नियमित भुगतान की व्यवस्था बहाल की जाए।अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर बॉर्डर हटने के बावजूद कथित धन उगाही पर रोक लगाई जाए।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 28 फरवरी तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो पूरे उत्तर प्रदेश में टैक्सी वाहन स्वामी व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे और सड़कों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

