लोकसभा में हंगामा, विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का संकेत दिया

नई दिल्ली संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक विपक्ष अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। यह कदम बजट सत्र के दौरान सदन में बढ़ते हंगामे के बाद उठाया जा रहा है।दरअसल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूर्व थलसेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब का अंश पढ़ना चाहते थे, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी। स्पीकर ने कहा कि जो पुस्तक अभी प्रकाशित नहीं हुई है, उस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। इस फैसले के बाद लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला।हंगामे की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी बात पूरी नहीं रख सके। इसके बाद विपक्ष ने स्पीकर के रवैये पर सवाल उठाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाने का संकेत दिया।राहुल गांधी का स्पीकर को पत्र इससे पहले राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर सदन में बोलने से रोके जाने को संसदीय परंपराओं का उल्लंघन बताया था। कांग्रेस ने इस पत्र को सोशल मीडिया पर भी साझा किया।पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार, यदि कोई सदस्य किसी दस्तावेज को सत्यापित कर उसकी जिम्मेदारी लेता है, तो उसे सदन में उसका उल्लेख करने की अनुमति दी जाती है। इसके बाद जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी होती है।

अविश्वास प्रस्ताव के लिए क्या जरूरी लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। इंडिया गठबंधन के पास कुल 240 सांसद हैं, जिससे प्रस्ताव लाने के लिए आवश्यक संख्या विपक्ष के पास मौजूद है। हालांकि, विपक्ष के लिए इस प्रस्ताव को सदन में पास कराना संभव नहीं माना जा रहा है।गौरतलब है कि संसद में हंगामे के चलते कांग्रेस समेत कुल 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया जा चुका है।राहुल गांधी का आरोप राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे पर बोलने से रोकना न केवल परंपराओं का उल्लंघन है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता और हर सांसद को बोलने का अधिकार लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है।



Ktv News Varanasi

Greeting from KTV Channel, Varanasi Leading News and Social content Provider

Post a Comment

Previous Post Next Post