कैंट थाना क्षेत्र स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में एक महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिवार का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ समय पर मौजूद नहीं थे, जिसके कारण मरीज को समय से इलाज नहीं मिल सका और उसकी जान चली गई।परिजनों के अनुसार, गुड़िया चौहान की तबीयत 1 मार्च की रात करीब 9 बजे अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद भर्ती कर लिया गया। परिजनों का कहना है कि उस समय डॉक्टरों ने आश्वस्त किया था कि स्थिति गंभीर नहीं है और एक-दो दिन में सुधार हो जाएगा।
आरोप है कि 2 मार्च की तड़के करीब 3 बजे मरीज की हालत अचानक फिर से खराब हो गई। मृतका की बहन मिताली चौहान के मुताबिक, वह डॉक्टर को बुलाने उनके चेंबर तक गईं, लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं था। उन्होंने कई बार सहायता की गुहार लगाई, पर काफी देर तक कोई चिकित्सकीय मदद नहीं मिली। लगभग 7.30 बजे डॉक्टर दो स्टाफ के साथ पहुंचे और जांच के बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया।मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि यदि समय पर इलाज मिलता तो मरीज की जान बच सकती थी।सूचना मिलते ही अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) और कैंट पुलिस मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा संबंधित समय का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। परिवार का यह भी आरोप है कि अस्पताल में पहले भी लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं, इसलिए दोषियों पर ठोस कार्रवाई जरूरी है।

