हनुमान जयंती के पावन अवसर पर धर्मनगरी काशी भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आई। वाराणसी धर्म संघ, दुर्गाकुंड के तत्वावधान में आयोजित भव्य ध्वज-यात्रा में लगभग 5000 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा दुर्गाकुंड मंदिर स्थित धर्म संघ परिसर से प्रारंभ होकर रविंद्रपुरी मार्ग होते हुए संकट मोचन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई।यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में ध्वज-पताका लिए “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयकारों के साथ आगे बढ़े। डमरू की गूंज और भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
यात्रा का मुख्य आकर्षण 10 सुसज्जित बग्गियों पर भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के दिव्य स्वरूप रहे, जिनके दर्शन के लिए मार्गभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। वहीं 60 श्रद्धालुओं द्वारा प्रस्तुत नरमुंड नृत्य ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।आयोजन से जुड़े कौशल शर्मा ने बताया कि यह ध्वज-यात्रा पिछले करीब 25 वर्षों से निरंतर निकाली जा रही है। इस वर्ष श्रद्धालुओं द्वारा संकट मोचन मंदिर में चांदी का ध्वज अर्पित किया जाएगा।यात्रा में नवनीता कुमार पब्लिक स्कूल के रोलर स्केटिंग कोच विवेक डोगरा ने बच्चों के साथ स्केटिंग करतब प्रस्तुत कर विशेष आकर्षण जोड़ा। बच्चों की प्रस्तुति ने लोगों को खासा प्रभावित किया।यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं ने संकट मोचन मंदिर पहुंचकर भगवान हनुमान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। यह आयोजन एक बार फिर काशी की सनातन आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा।

