वाराणसी में ‘महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य’ का भव्य समापन

वाराणसी में मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित ‘महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य’ का समापन समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री सुरेश कुमार ने सम्राट विक्रमादित्य के ऐतिहासिक योगदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के बाद यदि कोई लोकमान्य नायक हुए, तो वे उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य थे। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर भारतीय गौरव को स्थापित किया और विक्रम संवत् की शुरुआत की।उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश मिलकर सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को उन्होंने दोनों राज्यों के सांस्कृतिक सहयोग का प्रतीक बताया।

इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र, विक्रम पंचांग और पुष्प भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में ‘विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति’ उज्जैन के अध्यक्ष राजेश कुशवाह ने कहा कि महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के न्याय और पराक्रम की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का उद्देश्य सफल रहा है।नाट्य निर्देशक संजीव मालवीय ने काशी में इस महानाट्य के मंचन को अपने जीवन का विशेष अनुभव बताते हुए दर्शकों के उत्साह और प्रेम के लिए आभार व्यक्त किया। पंडित नरेश शर्मा ने भी काशी की पावन भूमि से मिली प्रेरणा का उल्लेख किया।कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के लोक कलाकारों ने मालवा, निमाड़, डिंडोरी, सागर और उज्जैन की लोक परंपराओं पर आधारित नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।तीन दिवसीय आयोजन के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें सम्राट विक्रमादित्य, अयोध्या, शिव पुराण और अन्य विषयों पर आधारित जानकारी प्रस्तुत की गई। प्रदर्शनी को देखने आए लोगों ने इसे ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।समापन अवसर पर आयोजकों ने उत्तर प्रदेश सरकार, वाराणसी जिला प्रशासन और बीएलडब्ल्यू सहित सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


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