बिजनौर, उत्तर प्रदेश: संदिग्ध आतंकी आकिब को क्लीनचिट देने के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बिजनौर में तैनात दरोगा सत्येंद्र मलिक को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि नजीबाबाद के क्षेत्राधिकारी (सीओ) नितेश प्रताप सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है।यह कार्रवाई उस समय हुई जब आकिब का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह कथित तौर पर AK-47 और ग्रेनेड जैसे हथियारों के साथ नजर आ रहा था। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
जांच में सामने आया कि केस की विवेचना के दौरान दरोगा सत्येंद्र मलिक ने AK-47 को खिलौना करार देते हुए फाइनल रिपोर्ट (FR) लगा दी थी, जिससे आकिब को क्लीनचिट मिल गई। इस लापरवाही और गंभीर चूक को देखते हुए विभाग ने सख्त कदम उठाया।वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, पुलिस मामले की दोबारा जांच कर रही है और वायरल वीडियो की सत्यता की भी पड़ताल की जा रही है।

