वाराणसी के सलारपुर क्षेत्र (वार्ड नंबर 5) में बारात घर के लिए प्रस्तावित जमीन पर बिजली घर (सबस्टेशन) बनाए जाने की योजना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सारनाथ थाना अंतर्गत सलारपुर-रघुनाथपुर रोड स्थित दलित बस्ती में स्थानीय लोगों ने पार्षद हनुमान प्रसाद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2000 में तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा गरीब परिवारों के लिए बारात घर (कम्युनिटी हॉल) निर्माण हेतु यह जमीन आवंटित की गई थी, जिसकी बाउंड्री वॉल भी बन चुकी है। आरोप है कि अब उसी जमीन पर बिजली घर बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि घनी आबादी के बीच बिजली घर का निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हो सकता है। किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में पूरे इलाके के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नियमों के अनुसार ऐसे निर्माण आबादी से दूर किए जाने चाहिए।स्थानीय लोगों ने बारात घर की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि यह मलीन बस्ती के गरीब परिवारों के लिए बेहद जरूरी है, जहां वे कम खर्च में शादी-विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रम कर सकें। ऐसे में इस जमीन का उपयोग किसी अन्य परियोजना के लिए करना उनके हितों के खिलाफ है।ग्रामीणों ने पार्षद पर गुमराह करने और पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ गलत बयान देने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि पहले बारात घर निर्माण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब निर्णय बदल दिया गया है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज कर जबरन निर्माण कार्य शुरू किया गया, तो वे सलारपुर पोखरे पर धरना और अनशन शुरू करेंगे। साथ ही प्रशासन से इस फैसले पर पुनर्विचार कर बस्ती के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।


