उत्तर प्रदेश सरकार ने राजधानी लखनऊ और आसपास के छह जिलों को मिलाकर प्रस्तावित ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ (SCR) के एकीकृत विकास की दिशा में बड़ी पहल शुरू कर दी है। दिल्ली-एनसीआर मॉडल की तर्ज पर विकसित किए जाने वाले इस क्षेत्र के लिए शासन स्तर पर 29 बड़ी परियोजनाओं पर मंथन किया गया। इस संबंध में मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।बैठक में क्षेत्रीय विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक निवेश और शहरी सुविधाओं के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य राजधानी और आसपास के जिलों को एकीकृत रूप से विकसित कर रोजगार, परिवहन और आवास जैसी सुविधाओं को मजबूत करना है।
प्रस्तावित SCR में सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, मेट्रो विस्तार, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब, आईटी और निवेश केंद्र जैसी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा जल निकासी, बिजली, पेयजल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं पर भी फोकस किया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लागू होने से राजधानी क्षेत्र में अनियोजित शहरीकरण पर नियंत्रण मिलेगा और आसपास के जिलों का संतुलित विकास संभव हो सकेगा। सरकार का मानना है कि SCR बनने से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राजधानी क्षेत्र की आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी।बैठक में संबंधित विभागों को परियोजनाओं की रूपरेखा जल्द तैयार कर आगे की कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए।


