योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में पंचायत चुनाव होने तक ग्राम पंचायतों के संचालन को लेकर अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने तय किया है कि मौजूदा ग्राम प्रधान ही अगले चुनाव तक प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।दरअसल, उत्तर प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने यह अंतरिम व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत वर्तमान ग्राम प्रधान ही पंचायतों के विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों को संचालित करेंगे।
ग्राम प्रधान संगठनों की ओर से यह मांग लगातार उठाई जा रही थी कि चुनाव संपन्न होने तक मौजूदा प्रधानों को ही जिम्मेदारी दी जाए। सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए यह निर्णय लिया है। पंचायती राज विभाग की ओर से जल्द ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किए जाने की संभावना है।इस बीच, राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है। ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है, जो अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।


