उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सोमवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। वाराणसी और आसपास के जिलों से उत्तराखंड के कैंची धाम दर्शन के लिए निकले सात दोस्तों की यात्रा बीच रास्ते में दर्दनाक हादसे में बदल गई। तेज रफ्तार इनोवा कार आगे चल रहे ट्रेलर में पीछे से जा घुसी, जिससे चार दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।यह हादसा हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के भिखरा गांव के पास लखनऊ–सुल्तानपुर हाईवे पर रात करीब 2 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आसपास के लोग पहले किसी बड़े विस्फोट की आशंका से घबरा गए, लेकिन जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि एक इनोवा ट्रेलर के पीछे बुरी तरह फंसी हुई थी।
दुर्घटना के बाद कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन के अंदर बैठे सभी सात लोग बुरी तरह फंस गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और काफी देर तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। कटर मशीन और अन्य उपकरणों की मदद से लोगों को कार से बाहर निकाला गया।मृतकों की पहचान चंदौली निवासी राहुल कुमार (43), गाजीपुर निवासी राहुल सिंह (42), सत्यम सिंह (43) और सूरज यादव (40) के रूप में हुई है। इन चारों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मिर्जापुर के चुनार निवासी पंकज सिंह (45), बलिया निवासी प्रशांत (44) और चंदन सिंह (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले उन्हें हैदरगढ़ सीएचसी ले जाया गया, बाद में हालत नाजुक होने पर केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर, लखनऊ रेफर किया गया।बताया जा रहा है कि सभी दोस्त पहले वाराणसी में एकत्र हुए थे और वहां से कैंची धाम दर्शन के लिए एक साथ निकले थे। यात्रा के दौरान सभी उत्साहित थे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद यह सफर हादसे में बदल गया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि चालक को देर रात झपकी आने के कारण वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया और ट्रेलर में पीछे से टकरा गया। हालांकि पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।घटना की सूचना मिलते ही मृतकों और घायलों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे-जैसे पहचान की पुष्टि हुई, परिवारों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हाईवे पर कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कराया गया।


