हजरत सैयद सलार मसूद गाजी रहमतुल्लाह अलैह के तीन दिवसीय शादी मेले का शुभारंभ चादरपोशी और कुरानख्वानी के साथ हुआ। जायरीनों और अकीदतमंदों की मौजूदगी में पारंपरिक तरीके से मेले का आगाज किया गया।इसके बाद गाजी मियां बाबा की बारात जैतपुरा से पुरानी परंपराओं के अनुसार निकाली गई। बारात अपने कदीमी रास्तों से गुजरते हुए गाजी मियां बाबा के आस्ताने तक पहुंची। इस दौरान बारातियों में खासा उत्साह देखने को मिला। ऐसी परंपरा है कि बारात के दरगाह परिसर पहुंचने पर दरगाह कमेटी की ओर से अंदर का दरवाजा बंद कर दिया गया। इसी बीच किसी बात को लेकर बारातियों और अंदर मौजूद महिलाओं के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद गाजी मियां की शादी की रस्म टाल दी गई।
पूरे आयोजन की देखरेख हाजी एजाजुद्दीन हाशमी के नेतृत्व एवं हाजी सेराजुद्दीन अहमद की सरपरस्ती में हुई। दरगाह परिसर के आसपास देर रात तक जायरीनों और अकीदतमंदों की भारी भीड़ जुटी रही।रात्रि में गाजी मियां बाबा की शान में कव्वाली की महफिल भी सजी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में डॉ. अजीजुर्रहमान, नियाजुद्दीन हाशमी, अब्दुल्लाह हाशमी, शमीम अख्तर सहित कई लोग उपस्थित रहे।


