वाराणसी स्थित बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने अभिकल्प विभाग का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभाग में चल रही तकनीकी गतिविधियों, डिज़ाइन विकास कार्यों और आधुनिक अभिकल्पन प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने यूनीग्राफिक्स 3-डी सॉफ्टवेयर के जरिए डब्ल्यूएपी-7 पुश-पुल लोकोमोटिव के कैब इंटीरियर डिज़ाइन मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने कैब को अधिक एर्गोनॉमिक, आधुनिक और क्रू-फ्रेंडली बनाने पर जोर देते हुए कहा कि डिजाइन केवल तकनीकी ही नहीं, बल्कि चालक दल की सुविधा, सुरक्षा और कार्यकुशलता को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए।इसके साथ ही उन्होंने निर्यातित लोकोमोटिव के अंडर फ्रेम डिज़ाइनिंग कार्यों की भी समीक्षा की। संरचनात्मक मजबूती और वैश्विक गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने अंडर फ्रेम के डिज़ाइन एनालिसिस और स्ट्रक्चर स्ट्रेंथ परीक्षण हेतु फाइनाइट एलिमेंट एनालिसिस (एफईए) के लिए आरडीएसओ को शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।महाप्रबंधक ने अभिकल्प विभाग के विभिन्न सेक्शनों जैसे कंप्यूटर रूम, कैड रूम, प्रिंटिंग सेक्शन, वेंडर डेवलपमेंट और इलेक्ट्रिक सेक्शन का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यस्थल के सुव्यवस्थित विकास, डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। साथ ही अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर और डिज़ाइन तकनीकों के प्रभावी उपयोग की सराहना भी की।
इस मौके पर उन्होंने विभाग में आधुनिक डिज़ाइन कॉन्फ्रेंस रूम विकसित करने के सुझाव दिए और तकनीकी चर्चा, नवाचार तथा अनुसंधान आधारित कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई।निरीक्षण के दौरान प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, मुख्य अभिकल्प इंजीनियर (विद्युत) अनुराग कुमार गुप्ता, मुख्य अभिकल्प इंजीनियर (डीजल) प्रवीण कुमार, मुख्य अभिकल्प इंजीनियर (प्रोजेक्ट) कौशलेश सिंह और उप महाप्रबंधक सागर समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।अंत में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि बरेका आधुनिक तकनीक, नवाचार और उच्च गुणवत्ता मानकों के जरिए न केवल भारतीय रेल बल्कि वैश्विक जरूरतों को भी पूरा कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि अभिकल्प विभाग भविष्य में भी संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।


